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uttarkashi news उत्तरकाशी की मातृशक्ति बड़ेथी गांव में अवैध शराब के विरुद्ध जागरूकता की नई लहर

संवाददाता ठाकुर सुरेंद्र पाल सिंह (उत्तरकाशी)

उत्तरकाशी (05 अप्रैल 2024) बडे़थी गांव की महिलाओं ने अवैध शराब के खिलाफ एक जोरदार कदम उठाया है। ग्राम प्रधान रामप्यारी देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने जिला मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें गांव में बढ़ते शराब के प्रचालन पर तत्काल अंकुश लगाने की मांग की गई।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि गांव की परिधि के अंदर नशे का कारोबार खूब फल-फूल रहा है, और युवा पीढ़ी इससे बर्बाद हो रही है। शराब माफिया द्वारा घर-घर शराब पहुंचाई जा रही है, जिससे गांव और बाजार का माहौल खराब हो रहा है।

महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश नहीं लगाया जाता है, तो वे सड़कों पर आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। इसके अलावा, गांव में शराब परोसने के प्रचलन को रोकने के लिए महिला मंगल दल ने शादी व्याह में शराब परोसने पर ₹21000 का जुर्माना और सामाजिक बहिष्कार का प्रस्ताव पारित किया है।

 

सामाजिक कार्यकर्ता गीता गैरोला ने जिलाधिकारी एवं जिला पुलिस अधीक्षक तथा जिला आबकारी अधिकारी से अनुरोध किया है कि वे इस मामले में व्यक्तिगत रूप से भी हस्तक्षेप करें और ग्राम सभा बडेथी पट्टी बरसाली में शराब तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें।

 

उन्होंने यह भी सूचित किया कि यदि अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश नहीं लगाया जाता है, तो गांव की महिलाएं सड़कों पर आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। इसलिए, यह आवश्यक है कि इस मुद्दे पर तत्काल और प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि गांव के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके और गांव का शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखा जा सके।

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इस संदर्भ में, उत्तरकाशी पुलिस ने हाल ही में अवैध शराब की एक बड़ी खेप पकड़ी है, जो इस बात का संकेत है कि प्रशासन इस मुद्दे पर सक्रिय है। उम्मीद है कि इसी तरह की सक्रियता और कार्रवाई बडेथी गांव में भी देखने को मिलेगी और ग्रामीणों की चिंताओं का समाधान होगा।

ज्ञापन जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार के माध्यम से जिलाधिकारी को दिया गया जिसमें बड़ेथी ग्राम प्रधान रामप्यारी, सामाजिक कार्यकर्ता गीता गैरोला, जमना, मीना, दर्शनी रावत, सरोजनी देवी, रामचंद्री, मंगल रावत, ममता, सुमित्रा, डिम्पल आदि महिलाएं शामिल थीं, जिन्होंने अपनी एकजुटता और साहस का प्रदर्शन किया।

इस तरह के सामाजिक मुद्दों पर महिलाओं की आवाज उठाना और सक्रिय भूमिका निभाना न केवल समाज के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल है। इससे यह संदेश जाता है कि समाज में सुधार के लिए हर व्यक्ति की भागीदारी महत्वपूर्ण है।

इस ज्ञापन के माध्यम से बडे़थी गांव की महिलाओं ने न केवल अपने समुदाय के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी यह पहल दिखाती है कि सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होकर और दृढ़ संकल्पित होकर संघर्ष करने से बदलाव संभव है। इस तरह की पहल से अन्य समुदायों को भी प्रेरणा मिलती है कि वे भी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाएं।

बडे़थी गांव की महिलाओं की इस पहल को सराहना मिल रही है, और उनके साहस और समर्पण को देखते हुए अन्य गांवों की महिलाएं भी इसी तरह के कदम उठाने के लिए प्रेरित हो रही हैं। यह एक सामाजिक क्रांति की शुरुआत है, जहां महिलाएं न केवल अपने परिवारों की देखभाल करती हैं, बल्कि समाज के लिए भी एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभर रही हैं।

इस आंदोलन की सफलता निश्चित रूप से उत्तरकाशी जिले के अन्य भागों में भी अवैध शराब के खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई की लहर पैदा करेगी। इससे न केवल युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाया जा सकेगा, बल्कि एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज की नींव भी रखी जा सकेगी।

आज के समय में, जब समाज में नशे की समस्या एक बड़ी चुनौती बन चुकी है, बडे़थी गांव की महिलाओं का यह कदम एक आशा की किरण है। उनका यह संघर्ष और संकल्प अन्यों के लिए एक प्रेरणा है कि एकजुट होकर हम समाज में बदलाव ला सकते हैं।

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