उत्‍तराखण्‍ड नैनीताल

उत्तराखंड के बीपीएड एमपीएड (व्यायाम) प्रशिक्षित बेरोजगार आज भी नौकरी की आस में

उत्तराखंड के बीपीएड एमपीएड प्रशिक्षित बेरोजगार काफी लंबे समय से प्रत्येक विद्यालय में एक शारीरिक शिक्षक व शारीरिक शिक्षा विषय को अनिवार्य बनाने के लिए पूरे प्रदेश भर में आंदोलित हैं कई बार शिक्षा मंत्री और कई मर्तबा मुख्यमंत्री से मिलने के बाद भी हल नहीं निकल पाया बेरोजगारों को केवल कोरे आश्वासन दिए जाते हैं और उस पर अमल कुछ नहीं होता है उत्तराखंड में करीब 5000 बीपीएड एमपीएड प्रशिक्षित बेरोजगार नौकरी की आस में उम्र सीमा को पार कर गए हैं लेकिन सरकार ने अभी तक भी कोई ठोस पहल नहीं की सरकार के ढुलमुल नीति से बीपीएड एमपीएड प्रशिक्षित बेरोजगारों में रोष है

अगर जल्द से जल्द कार्यवाही नहीं की जाती है तो बीपीएड एमपीएड प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चंद्र पांडे शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री के आवास पर धरने पर बैठेंगे यह बात संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चंद्र पांडे ने बताई जबकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शारीरिक शिक्षा विषय को जरूरी बनाया गया है इसके साथ ही छात्रों का शारीरिक व मानसिक विकास हो सके इसके लिए पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य बनाने का नियम रखा गया है सभी छात्रों को स्कूल के हर स्तर पर खेल मार्शल आर्ट जैसे एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी भी सुनिश्चित की जाएंगी शारीरिक शिक्षा का विषय राष्ट्रीय शिक्षा नीति में ( 4.9, 4.23, 5.5, 7. 7 15. 4)में इसका उल्लेख किया गया प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय से लेकर प्रत्येक इंटरमीडिएट कॉलेज तक एक व्यायाम शिक्षक की नियुक्ति अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए शारीरिक शिक्षा का महत्व अन्य विषयों के बराबर है प्राथमिक स्तर से शारीरिक शिक्षा विषय व व्यायाम शिक्षकों की नियुक्ति पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए जिससे कि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके और बच्चों को इस शिक्षा से दोहरा लाभ मिल सकेगा व्यायाम शिक्षकों की नियुक्ति के लिए प्राथमिक से ही नियमावली में संशोधन कर इसको अनिवार्य करके मंत्री परिषद में लाया जाना चाहिए

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